Apple पर जासूसी का आरोप! यूजर्स को देगी 817 करोड़ रुपये का मुआवजा

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Apple पर जासूसी का आरोप! यूजर्स को देगी 817 करोड़ रुपये का मुआवजा
Apple पर जासूसी का आरोप! यूजर्स को देगी 817 करोड़ रुपये का मुआवजा

Apple पर जासूसी का आरोप! यूजर्स को देगी 817 करोड़ रुपये का मुआवजा

Apple का बड़ा कदम: Apple ने एक क्लास ऐक्शन लासूट के सेटलमेंट के लिए 95 मिलियन यूएस डॉलर (लगभग 817 करोड़ रुपये) देने की सहमति जताई है। इस लासूट में कंपनी पर Siri वॉयस असिस्टेंट के जरिए उपयोगकर्ताओं की बातचीत रिकॉर्ड करने का आरोप लगाया गया था। सेटलमेंट की मंजूरी के बाद, प्रभावित उपयोगकर्ताओं को मुआवजा मिलेगा।

Apple पर जासूसी का आरोप! यूजर्स को देगी 817 करोड़ रुपये का मुआवजा
Apple पर जासूसी का आरोप! यूजर्स को देगी 817 करोड़ रुपये का मुआवजा

पांच साल पुराना मुकदमा

यह मामला पांच साल पहले शुरू हुआ था, जब कई उपयोगकर्ताओं ने Apple के खिलाफ मुकदमा दायर किया। आरोप था कि Siri बिना अनुमति के उनकी बातचीत सुनता और रिकॉर्ड करता है। आरोपों में यह भी शामिल था कि Apple उपयोगकर्ताओं की वॉयस रिकॉर्डिंग को विज्ञापनदाताओं के साथ साझा करता था।

Siri पर लगे गंभीर आरोप

Siri, Apple का वर्चुअल वॉयस असिस्टेंट है, जो iPhone, iPads, MacBooks, Apple Watches, HomePods, और Apple TVs जैसे डिवाइस में उपलब्ध है। आरोपों के मुताबिक:

  • Siri उपयोगकर्ताओं की बातचीत बिना इजाजत रिकॉर्ड करता था।
  • वॉयस रिकॉर्डिंग विज्ञापनदाताओं के साथ साझा की जाती थी।

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किन उपयोगकर्ताओं को मिलेगा मुआवजा?

यदि यह सेटलमेंट कोर्ट द्वारा स्वीकृत हो जाता है, तो प्रभावित उपयोगकर्ताओं को $20 (लगभग 1,720 रुपये) प्रति डिवाइस मिल सकते हैं। मुआवजे के लिए पात्रता:

  • 17 सितंबर 2014 से 31 दिसंबर 2024 के बीच खरीदे गए Siri-एनेबल्ड डिवाइस।
  • एक उपयोगकर्ता अधिकतम पांच डिवाइस के लिए क्लेम कर सकता है।

सेटलमेंट की शर्तें

सेटलमेंट के तहत:

  • प्रभावित उपयोगकर्ताओं को मुआवजा दिया जाएगा।
  • उपयोगकर्ताओं की रिकॉर्ड की गई बातचीत स्थायी रूप से डिलीट की जाएगी।
  • 14 फरवरी 2025 को कोर्ट में हियरिंग के बाद सेटलमेंट को अंतिम रूप दिया जाएगा। यदि स्वीकृत होता है, तो Apple प्रभावित उपयोगकर्ताओं को नोटिस भेजेगा।

यूजर्स की जीत या Apple की रणनीति?

विशेषज्ञों का मानना है कि यह Apple उपयोगकर्ताओं के लिए एक जीत है। हालांकि, यदि यह मामला अमेरिका के वायरटैप एक्ट के तहत आगे बढ़ता, तो Apple को 1.5 बिलियन डॉलर तक का जुर्माना भुगतना पड़ सकता था। लेकिन, Apple ने यह कहते हुए अपनी गलती स्वीकारने से इनकार किया कि वॉयस रिकॉर्डिंग अनजाने में हुई।

Apple का पक्ष

Apple ने यह तर्क दिया कि यह समस्या 2014 में Hey Siri फीचर लॉन्च होने के बाद उत्पन्न हुई। कंपनी ने दावा किया कि Siri कभी-कभी अनजाने में सक्रिय हो जाता था, जिससे रिकॉर्डिंग शुरू हो जाती थी। हालांकि, Apple ने सेटलमेंट की पेशकश कर मामला सुलझाने का निर्णय लिया है।

निष्कर्ष

Apple का यह कदम कंपनी और उपयोगकर्ताओं के बीच विश्वास बहाल करने का प्रयास है। यह मामला प्राइवेसी और डेटा सुरक्षा के महत्व को रेखांकित करता है, खासकर टेक कंपनियों के लिए।

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