मुझे मौत की सजा दो’: जज के सामने फूट-फूटकर रोया दोषी, बोला- अब यातना सहने की हिम्मत नहीं; पढ़ें दिल दहला देने वाली कहानी

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मुझे मौत की सजा दो’: जज के सामने फूट-फूटकर रोया दोषी, बोला- अब यातना सहने की हिम्मत नहीं; पढ़ें दिल दहला देने वाली कहानी
मुझे मौत की सजा दो’: जज के सामने फूट-फूटकर रोया दोषी, बोला- अब यातना सहने की हिम्मत नहीं; पढ़ें दिल दहला देने वाली कहानी

मुझे मौत की सजा दो’: जज के सामने फूट-फूटकर रोया दोषी, बोला- अब यातना सहने की हिम्मत नहीं; पढ़ें दिल दहला देने वाली कहानी

पेरिया डबल मर्डर केस: दोषी ने जज से मांगी मौत की सजा, कहा- “मैं यातना से थक चुका हूं”

2019 में केरल के कासरगोड जिले के पेरिया में भारतीय युवा कांग्रेस के दो कार्यकर्ताओं, कृपेश और सरथलाल, की हत्या ने पूरे राज्य को झकझोर दिया था। इस मामले में कोच्चि की सीबीआई अदालत ने हाल ही में 14 दोषियों को दोषी ठहराया है। इनमें सीपीआई (एम) के कई नेता और कार्यकर्ता शामिल हैं। सजा का ऐलान 3 जनवरी को किया जाएगा।

मुझे मौत की सजा दो’: जज के सामने फूट-फूटकर रोया दोषी, बोला- अब यातना सहने की हिम्मत नहीं; पढ़ें दिल दहला देने वाली कहानी
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दोषी सुरेंद्रन का भावुक बयान

कोर्ट में दोषी सुरेंद्रन उर्फ विष्णु सूरा ने फैसले के बाद जज के सामने भावुक दलील दी। जब जज ने सभी दोषियों से पूछा कि क्या उन्हें कुछ कहना है, तो सुरेंद्रन ने कहा, “मैं मौत की सजा चाहता हूं। मैं बहुत यातना सह चुका हूं। कृपया मेरा जीवन समाप्त कर दें।” सुरेंद्रन मुख्य दोषियों में से एक है और सीपीआई (एम) नेता एपी पीतांबरन का सहयोगी बताया गया है। उस पर निगरानी रखने और हत्या की साजिश रचने का आरोप है।

14 दोषी, 10 बरी

सीबीआई अदालत ने इस मामले में 24 आरोपियों में से 14 को दोषी पाया, जबकि 10 अन्य को बरी कर दिया। दोषियों में सीपीआई (एम) के कई वरिष्ठ नेता शामिल हैं:

  • केवी कुन्हिरामन (उडुमा के पूर्व विधायक और सीपीआई (एम) कासरगोड जिला सचिवालय के सदस्य)
  • एपी पीतांबरन (पेरिया स्थानीय समिति के सदस्य)
  • के मणिकंदन (कन्हानगढ़ ब्लॉक पंचायत सदस्य)
  • एन बालाकृष्णन (पूर्व स्थानीय समिति सचिव)
  • स्थानीय नेता राघवन वेलुथोली और साजी जॉर्ज

हत्या का राजनीतिक विवाद

यह डबल मर्डर 2019 के लोकसभा चुनाव से दो महीने पहले हुआ था, जिससे केरल में राजनीतिक तूफान खड़ा हो गया। राज्य पुलिस ने शुरुआती जांच में माकपा कार्यकर्ताओं को निर्दोष बताया था। लेकिन पीड़ितों के परिवारों ने इसे राजनीति से प्रेरित हत्या बताते हुए सीबीआई जांच की मांग की।

माकपा ने आरोपों से इनकार करते हुए इसे राजनीतिक साजिश करार दिया, लेकिन उच्च न्यायालय ने पुलिस की जांच को खारिज कर दिया और सीबीआई को जांच सौंपी। अदालत ने पाया कि राज्य पुलिस की जांच में कई खामियां थीं, जिससे मामला कमजोर हो गया था।

सीबीआई की जांच और राज्य सरकार का विरोध

सीबीआई ने जांच में पाया कि हत्या के बाद पूर्व विधायक केवी कुन्हिरामन ने हमलावरों की मदद की थी। हालांकि, राज्य सरकार ने सीबीआई जांच का विरोध किया और 2021 में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की। सुप्रीम कोर्ट ने यह याचिका खारिज कर दी और सीबीआई को जांच जारी रखने का आदेश दिया।

हत्या का मामला

फरवरी 2019 में कासरगोड जिले के पेरिया के कल्लियोट में कृपेश और सरथलाल की हत्या कर दी गई थी। दोनों कांग्रेस के युवा कार्यकर्ता थे। हत्या के तरीके और राजनीतिक पृष्ठभूमि ने इस मामले को गंभीर बना दिया।

राजनीतिक हत्याओं पर केरल में बढ़ी चिंता

इस डबल मर्डर ने केरल में राजनीतिक हिंसा के मुद्दे को उजागर किया। यह घटना न केवल राजनीतिक हत्या के रूप में चर्चा में आई, बल्कि न्याय प्रक्रिया और राजनीतिक दलों की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए।

अगला कदम

सजा का ऐलान 3 जनवरी को किया जाएगा। दोषी सुरेंद्रन के बयान ने मामले को और भावनात्मक बना दिया है। यह देखना बाकी है कि अदालत इस पर क्या रुख अपनाती है।

पेरिया डबल मर्डर केस सिर्फ दो युवकों की हत्या का मामला नहीं है, बल्कि यह केरल की राजनीति में फैली हिंसा और उसके पीछे के षड्यंत्रों का एक काला अध्याय भी है।

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